
🌿 भगवान हमारी कमजोरियों के लिए हमें दोष नहीं देते, बल्कि अपनी करुणा से हमारे स्तर तक स्वयं उतर आते हैं।
भगवान हमसे पूर्णता नहीं, बल्कि सच्चा प्रयास चाहते हैं। जब हम अपनी सीमाओं को स्वीकार करके उनकी शरण लेते हैं, तभी उनकी करुणा हमारे जीवन में कार्य करना शुरू करती है।
ईश्वर को हमारी पूर्णता नहीं, बल्कि हमारा समर्पण और सच्चा प्रयास प्रिय है।
क्या आपने अपने जीवन में कभी भगवान की ऐसी करुणा का अनुभव किया है जिसने आपका जीवन बदल दिया?
अपना अनुभव नीचे Comment में अवश्य लिखें। 👇
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